दिलही चाह से गए थे हम उनसे मिलने,
जब हुई मुलाकात तो उन्होंने मुह मोड दिया I (1)
बेरहम वक्त ने मुझे , ये क्या सिला दिया ,
एक ही पल में, उन्होंने दिल तोड़ दिया II (2)
हिस्सों में बट गयी थी मेरी जिंदगी ,
अब किस्मत ने एक और किस्सा जोड़ दिया I (3)
मजबूर होंगे शायद वो भी, में ये समझा ,
उन मजबूर हालातों ने, ये दिल तोड़ दिया II (4)
चला जा रहा था अब, राह में अकेला ,
एक झोखे ने सारा , तूफान मोड दिया I (5)
चेहरा था उदासीन, होठो पे था सवाल ”फ़िशा “
उस अनकहे सवाल ने, ये दिल तोड़ दिया II (6)
- लालू प्रसाद वैष्णव "फ़िशा "
चला जा रहा था अब, राह में अकेला ,
ReplyDeleteएक झोखे ने सारा , तूफान मोड दियाI.....bahut achchi lagi.....
बहुत बहुत धन्यवाद ....
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